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Indian Politics: लालू प्रसाद यादव से जुड़े लैंड फॉर जॉब केस में फिर होगी सुनवाई

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | लैंड फॉर जॉब से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में न्यायाधीश के तबादले के बाद आरोप तय करने की प्रक्रिया पर फिर से सुनवाई होगी।

नई दिल्ली, 30 सितंबर, आलम की खबर: लैंड फॉर जॉब से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप तय करने की प्रक्रिया एक बार फिर सुनवाई के चरण में पहुंच गई है। मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने के तबादले के बाद अब केस की आगे की कार्यवाही नए न्यायाधीश के समक्ष होगी। इस बदलाव के कारण आरोप तय करने के मुद्दे पर पहले हुई दलीलों को नए सिरे से सुना जाना है।

मामले में कारोबारी अमित कात्याल समेत कई आरोपी हैं। प्रवर्तन निदेशालय की ओर से इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच की गई है। अदालत में आरोप तय करने का चरण महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी दौरान अभियोजन और आरोपियों की ओर से संबंधित आरोपों पर अपनी दलीलें रखी जाती हैं। हालांकि, आरोप तय होना किसी व्यक्ति के दोषी साबित होने के बराबर नहीं होता।

जज के तबादले के बाद बदली सुनवाई की स्थिति

मामले की सुनवाई पहले विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने कर रहे थे। दिल्ली जिला अदालत के रिकॉर्ड में भी गोगने को राउज एवेन्यू में विशेष न्यायाधीश के रूप में दर्ज किया गया था। बाद में उनका तबादला हुआ और सितंबर 2026 में उनके आदेश एक नए पद पर कार्यभार ग्रहण करने के साथ दर्ज हुए।

अब मामले में आरोप तय करने से संबंधित दलीलों की प्रक्रिया नए न्यायाधीश के समक्ष आगे बढ़ेगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को प्रस्तावित है।

अमित कात्याल से जुड़ा है मामला

अमित कात्याल इस मामले के प्रमुख आरोपियों में शामिल हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, यह मामला रेलवे में नौकरी दिलाने के बदले कथित तौर पर जमीन लिए जाने और उससे जुड़े लेनदेन से संबंधित है। ईडी की शिकायत में जमीन और कंपनियों से जुड़े लेनदेन को कथित अपराध की आय से जोड़कर जांच की गई है।

ईडी ने अदालत में दावा किया है कि 2006-07 के दौरान अमित कात्याल से जुड़ी AK Infosystems नाम की कंपनी ने कई जमीनों की खरीद की थी। एजेंसी के अनुसार, बाद में कंपनी के शेयर लालू प्रसाद यादव के परिवार के सदस्यों को ट्रांसफर किए गए। इन दावों पर अदालत में न्यायिक प्रक्रिया जारी है।

2026 में आरोप तय करने को लेकर हुई थी बहस

मार्च 2026 में ईडी ने राउज एवेन्यू कोर्ट में आरोप तय करने के पक्ष में अपनी दलीलें पूरी की थीं। उस समय विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने आरोपियों की ओर से दलीलों के लिए आगे की तारीखें तय की थीं। अमित कात्याल सहित कई आरोपियों को इस मामले में अदालत पहले ही समन कर चुकी थी।

अब न्यायाधीश के तबादले के बाद आरोप तय करने के मुद्दे पर सुनवाई नए सिरे से आगे बढ़ेगी। जांच एजेंसी को भी नए न्यायाधीश के समक्ष मामले की तैयारी के लिए समय दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

जमीन और नौकरी से जुड़े आरोपों की पृष्ठभूमि

यह मामला उस आरोप से जुड़ा है जिसमें जांच एजेंसियों का कहना है कि 2004 से 2009 के बीच रेलवे में ग्रुप-डी की नौकरियों के बदले कुछ उम्मीदवारों या उनके परिवारों से जमीन ली गई। सीबीआई की जांच के आधार पर ईडी ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग की पड़ताल शुरू की।

जांच एजेंसी ने कई जमीन सौदों और कंपनियों के लेनदेन को मामले का हिस्सा बनाया है। इनमें AK Infosystems और अन्य संपत्तियों से जुड़े लेनदेन की भी जांच हुई है। अदालत में इन आरोपों पर बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष की दलीलें अलग-अलग चरणों में रखी जा रही हैं।

अब 14 अक्टूबर को होगी आगे की सुनवाई

मामले में अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को प्रस्तावित है। उस दिन अदालत में आरोप तय करने से जुड़े मुद्दे पर आगे की प्रक्रिया होगी। नए न्यायाधीश के समक्ष सुनवाई होने के कारण मामले की पिछली दलीलों और रिकॉर्ड को भी अदालत के सामने रखा जाएगा।

फिलहाल मामला आरोप तय करने के चरण में है। अदालत की ओर से अंतिम रूप से आरोप तय किए जाने और उसके बाद मुकदमे की आगे की कार्यवाही के संबंध में अगला कदम न्यायिक आदेश के आधार पर तय होगा।

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लालू प्रसाद यादव और बिहार से जुड़ी प्रमुख कानूनी एवं राजनीतिक खबरें आलम की खबर पर पढ़ें।

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